आत्मकथ्य — जयशंकर प्रसाद
क्षितिज भाग 2, काव्य खंड · एक कवि का उत्तर: मैं आत्मकथा क्यों न लिखूँ
ध्यान दें: यह कविता अपनी पाठ्यपुस्तक क्षितिज भाग 2 (NCERT) में अवश्य पढ़ें, हो सके तो धीमे स्वर में, रुक-रुककर। यहाँ केवल SOYL की व्याख्या है; कविता की कोई पंक्ति यहाँ नहीं दी गई है।
इस पाठ में आप सीखेंगे
- जयशंकर प्रसाद, छायावाद और इस कविता की रचना-पृष्ठभूमि का परिचय दे सकेंगे
- कविता का भाव अपने शब्दों में, विचारों के क्रम से, स्पष्ट कर सकेंगे
- कवि के आत्मकथा न लिखने के कारणों को कविता के चित्रों से जोड़ सकेंगे
- छायावादी शैली, प्रतीक, बिंब और अलंकार पहचान सकेंगे
- काव्यांश पर बहुविकल्पी और 25–30 शब्दों के प्रश्नों के उत्तर दे सकेंगे
| बोर्ड में (क्षितिज काव्य खंड, 11 अंक) | प्रश्न का रूप |
|---|---|
| पठित काव्यांश | बहुविकल्पी प्रश्न, 5 × 1 अंक |
| काव्य पाठों पर प्रश्न | 25–30 शब्दों के उत्तर, 2-2 अंक (4 में से 3) |