पद — सूरदास
क्षितिज भाग 2, काव्य खंड · सूरसागर के भ्रमरगीत प्रसंग से चार पद
ध्यान दें: सूरदास के चारों पद अपनी पाठ्यपुस्तक क्षितिज भाग 2 (NCERT) में अवश्य पढ़ें, हो सके तो गाकर। यहाँ केवल SOYL की व्याख्या है; पदों की कोई पंक्ति यहाँ नहीं दी गई है।
इस पाठ में आप सीखेंगे
- सूरदास के जीवन, युग और भ्रमरगीत प्रसंग का परिचय दे सकेंगे
- चारों पदों का भाव अपने शब्दों में स्पष्ट कर सकेंगे
- गोपियों के उद्धव के प्रति व्यंग्य और कृष्ण-प्रेम की अनन्यता को समझा सकेंगे
- ब्रजभाषा, गेयता, वक्रोक्ति और अलंकारों की विशेषताएँ बता सकेंगे
- काव्यांश पर बहुविकल्पी और 25–30 शब्दों के प्रश्नों के उत्तर दे सकेंगे
| बोर्ड में (क्षितिज काव्य खंड, 11 अंक) | प्रश्न का रूप |
|---|---|
| पठित काव्यांश | बहुविकल्पी प्रश्न, 5 × 1 अंक |
| काव्य पाठों पर प्रश्न | 25–30 शब्दों के उत्तर, 2-2 अंक (4 में से 3) |