राम-लक्ष्मण-परशुराम संवाद — तुलसीदास
क्षितिज भाग 2, काव्य खंड · रामचरितमानस के बालकांड से
ध्यान दें: यह काव्यांश अपनी पाठ्यपुस्तक क्षितिज भाग 2 (NCERT) में अवश्य पढ़ें, हो सके तो लय के साथ। यहाँ केवल SOYL की व्याख्या है; काव्यांश की कोई पंक्ति यहाँ नहीं दी गई है।
इस पाठ में आप सीखेंगे
- तुलसीदास के जीवन, युग और रामचरितमानस के इस प्रसंग का परिचय दे सकेंगे
- संवाद का भाव अपने शब्दों में, प्रसंग के क्रम से, स्पष्ट कर सकेंगे
- परशुराम के क्रोध, लक्ष्मण के व्यंग्य और राम की विनम्रता की तुलना कर सकेंगे
- अवधी भाषा, संवाद-शैली, छंद, रस और अलंकारों की पहचान कर सकेंगे
- काव्यांश पर बहुविकल्पी और 25–30 शब्दों के प्रश्नों के उत्तर दे सकेंगे
| बोर्ड में (क्षितिज काव्य खंड, 11 अंक) | प्रश्न का रूप |
|---|---|
| पठित काव्यांश | बहुविकल्पी प्रश्न, 5 × 1 अंक |
| काव्य पाठों पर प्रश्न | 25–30 शब्दों के उत्तर, 2-2 अंक (4 में से 3) |