यह दंतुरित मुसकान; फ़सल — नागार्जुन
क्षितिज भाग 2, काव्य खंड · एक घर का कोना, एक देश के खेत
ध्यान दें: दोनों कविताएँ अपनी पाठ्यपुस्तक क्षितिज भाग 2 (NCERT) में अवश्य पढ़ें। यहाँ केवल SOYL की व्याख्या है; कविताओं की कोई पंक्ति यहाँ नहीं दी गई है।
इस पाठ में आप सीखेंगे
- नागार्जुन के जीवन, उनके नामों और जनकवि के रूप में उनकी पहचान का परिचय दे सकेंगे
- शिशु की मुसकान के प्रभाव और प्रवासी पिता की भावनाओं को अपने शब्दों में स्पष्ट कर सकेंगे
- फ़सल को प्रकृति और सामूहिक श्रम का परिणाम मानने के भाव को समझा सकेंगे
- सरल भाषा, बिंब, पुनरुक्ति और लोक-संवेदना की विशेषताएँ बता सकेंगे
- काव्यांश पर बहुविकल्पी और 25–30 शब्दों के प्रश्नों के उत्तर दे सकेंगे
| बोर्ड में (क्षितिज काव्य खंड, 11 अंक) | प्रश्न का रूप |
|---|---|
| पठित काव्यांश | बहुविकल्पी प्रश्न, 5 × 1 अंक |
| काव्य पाठों पर प्रश्न | 25–30 शब्दों के उत्तर, 2-2 अंक (4 में से 3) |