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संगतकार — मंगलेश डबराल

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संगतकार — मंगलेश डबराल

क्षितिज भाग 2, काव्य खंड · मंच के पीछे की आवाज़

ध्यान दें: यह कविता अपनी पाठ्यपुस्तक क्षितिज भाग 2 (NCERT) में अवश्य पढ़ें। यहाँ केवल SOYL की व्याख्या है; कविता की कोई पंक्ति यहाँ नहीं दी गई है।

इस पाठ में आप सीखेंगे

  • मंगलेश डबराल के जीवन, पत्रकारिता और रचनाओं का परिचय दे सकेंगे
  • मुख्य गायक के सहयोगी संगतकार की भूमिका को कविता के प्रसंगों से स्पष्ट कर सकेंगे
  • संगतकार की झिझक को मनुष्यता के रूप में समझा सकेंगे
  • प्रतीकात्मकता, मुक्त छंद और संगीत-शब्दावली की विशेषताएँ पहचान सकेंगे
  • काव्यांश पर बहुविकल्पी और 25–30 शब्दों के प्रश्नों के उत्तर दे सकेंगे
स्रोत: CBSE 2026-27 पाठ्यक्रम, खंड ग
बोर्ड में (क्षितिज काव्य खंड, 11 अंक)प्रश्न का रूप
पठित काव्यांशबहुविकल्पी प्रश्न, 5 × 1 अंक
काव्य पाठों पर प्रश्न25–30 शब्दों के उत्तर, 2-2 अंक (4 में से 3)