संगतकार — मंगलेश डबराल
क्षितिज भाग 2, काव्य खंड · मंच के पीछे की आवाज़
ध्यान दें: यह कविता अपनी पाठ्यपुस्तक क्षितिज भाग 2 (NCERT) में अवश्य पढ़ें। यहाँ केवल SOYL की व्याख्या है; कविता की कोई पंक्ति यहाँ नहीं दी गई है।
इस पाठ में आप सीखेंगे
- मंगलेश डबराल के जीवन, पत्रकारिता और रचनाओं का परिचय दे सकेंगे
- मुख्य गायक के सहयोगी संगतकार की भूमिका को कविता के प्रसंगों से स्पष्ट कर सकेंगे
- संगतकार की झिझक को मनुष्यता के रूप में समझा सकेंगे
- प्रतीकात्मकता, मुक्त छंद और संगीत-शब्दावली की विशेषताएँ पहचान सकेंगे
- काव्यांश पर बहुविकल्पी और 25–30 शब्दों के प्रश्नों के उत्तर दे सकेंगे
| बोर्ड में (क्षितिज काव्य खंड, 11 अंक) | प्रश्न का रूप |
|---|---|
| पठित काव्यांश | बहुविकल्पी प्रश्न, 5 × 1 अंक |
| काव्य पाठों पर प्रश्न | 25–30 शब्दों के उत्तर, 2-2 अंक (4 में से 3) |